• +91 (755) 285 8830
  • mprajbhavan[@]mp.gov.in



चर्चा में
  • आप सभी को गुजराती नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाऐं। मैं कामना करती हूँ कि नया साल आपके जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आये-राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल। - 8th November 2018
अपील
टी.बी. से डरें न‍ही, लड़ें। टी.बी. अब असाध्‍य नही। नियमित दवाओं और पोषित आहार का सेवन जहां तन को ठीक करेगा वहीं परिजनों का अपनापन उन्‍हें हौसला देगा। आइयें हम सब मिलकर टी.बी पीडित एक रोगी को गोद ले और उसे नवजीवन दें।

- आनंदीबेन पटेल


Tour Programme of Governor

  • INAUGURATION OF LIBRARY AT MODEL SCHOOL, BHOPAL Thursday, November 15, 2018

  • WORLD BOOK OF RECORDS CERTIFICATE DISTRIBUTION PROGRAMME FOR PADHE BHOPAL Friday, November 16, 2018

  • CONVOCATION FUNCTION, ITM UNIVERSITY GWALIOR Saturday, November 24, 2018

  • NCC DAY ARMY FUNCTION AT BHOPAL Sunday, November 25, 2018

नवीनतम समाचार

और देखें...

The Iron Man of India Sardar Vallabhbhai Patel

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर विशेष

सरदार वल्लभ भाई पटेल जिन्हें देशवासी लौह पुरूष कहते है हमारे देश की ऐसी महान विभूति रहे है जिनका देश के स्वतंत्रता संग्राम और देश के एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सरदार पटेल हमारे प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं प्रथम गृहमंत्री रहे है। 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाद में जन्में सरदार पटेल के योगदान को अविस्मरणीय बनाने और भावी पीढ़ी को उनकी महानता से परिचित करवाने के लिये देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने 31 अक्टूबर 2013 को नर्मदा नदी के साधु बेत द्वीप पर इस प्रतिमा निर्माण का शिलान्यास किया। "सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट" को इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गयी।


विश्व की सबसे ऊँची 182 मी. ऊँची मूर्ति के निर्माण के लिये देश के सभी किसानों से उनके अनुपयोगी औजार दान दिये। इस निर्माण के लिये "सुराज प्रार्थना पत्र" बनाया गया जिस पर लगभग 2 करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर किये और यह विश्व का सबसे बड़ा प्रार्थना पत्र बना। इस निर्माण कार्य के शुरूआत में "रन फार यूनिटी" का पूरे देश में आयोजन हुआ जिससे अधिक से अधिक लोग इस महान विभूति की स्मृति में बनायी जा रही मूर्ति और उनके व्यक्तित्व के बारे में जान सके। इतने बड़े प्रोजेक्ट का पाँच वर्षों में निर्माण पूरा हो गया है और 31 अक्टूबर को मा. प्रधानमत्री जी एकता की इस प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस महान विभूति को मेरा भी प्रणाम।

इस मूर्ति की निम्न विशेषताएँ जो न केवल देशी बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित और अचंभित करेंगी।

  • 182 मी. ऊँचाई के कारण विश्व की सबसे ऊँची मूर्ति होने का गौरव प्राप्त
  • म.प्र. के अमरकंटक उद्गम स्थल से निकली और गुजरात में पहुँचकर विराट स्वरूप धारण करती नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बाँध से लगभग 3 कि.मी. दूर साधू बेत द्वीप पर यह विशाल मूर्ति स्थापित की गई है।
  • लगभग 6 लाख ग्रामीणों और किसानों ने इसके निर्माण के लिये लोहा दान दिया।
  • यह मूर्ति अहमदाबाद एयर पोर्ट पर आर्किटेक्ट रामसुतार द्वारा निर्मित मूर्ति की प्रतिकृति है। लार्सन एंड ट्रूबो ने इसके निर्माण की जिम्मेदारी ली पर इसमे देशी-विदेशी अनेक लोगों और कम्पनियों का योगदान रहा है।
  • लगभग 3 हजार करोड़ की लागत से निर्मित यह मूर्ति सतपुड़ा और विन्ध्याचल की सुरम्य वादियों के बीच शिक्षा और मनोरंजन की दृष्टि से एक अद्भूत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो गया है। लौह पुरूष की स्मृतियों को समर्पित एक बड़े संग्रहालय के साथ-साथ पर्यटकों के रूकने के लिये की गई व्यवस्थाओं से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि आगे चलकर यह मूर्ति विश्व धरोहर के रूप में भी शामिल हो सकेगी ऐसा मुझे विश्वास है।
  • स्मारक तक पहुँचने के लिये मूर्ति के अंदरूनी हिस्से में लिफ्ट का निर्माण, मूर्ति पर कांस्य लेप और स्‍वर्ण प्रकाश सज्जा के कारण अद्भूत सौन्दर्य दर्शन इस स्थान की विशेषता है।
  • लगभग 200 दर्शक आब्जर्वर डेस्क से इस मूर्ति का पूर्ण स्वरूप निहार सकेंगे। लगभग 3 हजार दर्शक सीढ़ियों द्वारा इसको देख सकेंगे। जबकि इसके निर्माण के समय ही लगभग 15 हजार दर्शकों के हिसाब से राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट द्वारा सारी व्यवस्थायें की गई है।
  • 28 अक्टूबर रविवार को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने "मन की बात'' कहते हुए इस प्रतिमा निर्माण के संबंध में कहा कि 31 अक्टूबर को यह प्रतिमा लोकार्पित की जायेगी और देशवासी इस बात पर गौरवान्वित होंगे कि विश्‍व की सबसे ऊंची प्रतिमा हमारे देश में है।



नवीनतम फोटो
नवीनतम वीडियो
नवीनतम समाचार क्लिपिंग



श्रीमती आनंदीबेन पटेल महामहिम राज्यपाल का जीवन परिचय
नाम श्रीमती आनंदीबेन मफतभाई पटेल
जन्म तारीख 21 नवंबर, 1941
जन्म स्थान खरोद, विजापुर तालुका, जिला मेहसाणा।
स्थायी पता 'धरम', शान बंगलोस के पास, शिलज अहमदाबाद।
वर्तमान पता राजभवन, मध्यप्रदेश भोपाल
शिक्षा एमएससी, एमएड (गोल्ड मेडलिस्ट)।
व्यवसाय सेवानिवृत्त प्राचार्य (मोहिनाबा गर्ल्स हाई स्कूल, अहमदाबाद) एवं समाज-सेवा।
रूचि अध्ययन, लेखन, यात्रा, जनसम्पर्क।
महामहिम राज्यपाल का संसदीय जीवन
  • राज्य सभा सदस्य, वर्ष 1994-1998।
  • वर्ष 1998 मांडल विधानसभा क्षेत्र जिला अहमदाबाद से चुनकर विधायक बनी। वर्ष 1998 से 2002 शिक्षा (प्रारंभिक, माध्यमिक, वयस्क) एवं महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रही।
  • पाटन विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2002 से दूसरी बार विधायक बनी और गुजरात में शिक्षा मंत्री लगातार चुनाव जीत नही पाते थे ऐसी मान्याताओं को गलत साबित किया। वर्ष 2002 से 2007 तक शिक्षा (प्रारंभिक, माध्यमिक, वयस्क), उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, खेल, युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधि मंत्री के पद पर रहीं।
  • वर्ष 2007 में पाटन विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक बनी। वर्ष 2007 से 2012 तक राजस्व, आपदा प्रबंधन, सड़क एवं भवन, राजधानी परियोजना, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रही।
  • वर्ष 2012 में अहमदाबाद शहर के घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र से चौथी बार लगातार विधायक बनी तथा राज्य में सबसे अधिक वोटों से जीती। वर्ष 2012 से 2014 तक राजस्व, सूखा राहत, भूमि सुधार, पुनर्वास, पुनर्निर्माण, सड़क एवं भवन, राजधानी परियोजना, शहरी विकास और शहरी आवास मंत्री रही।
  • 22 मई 2014 से 7 अगस्त, 2016 तक गुजरात राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री रही।
मुख्यमंत्री कार्यकाल की उपलब्धियाँ
  • गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारों को मुफ्त इलाज के लिए मां वात्सल्य‍ योजना लाई।
  • सभी गरीब वर्गो के विधार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु युवा स्वावलंबन योजना बनाई।
  • गुजरात को 100% ODF (खुले में शौच-मुक्त) का अभियान चलाया।
  • गुजरात को टोल टैक्स (गैर व्यावसायिक वाहनों के लिए) फ्री बनाया।
  • सभी महिलाओं के लिए कैसर की जांच एवं मुफ्त इलाज प्रारंभ किया।
  • नर्मदा के पानी को खेत तक पहुंचाने के लिए शाखा नहर, लघु नहर, उपलघु नहर के लिए सर्वसम्मति से जमीन संपादन का सफलता पूर्वक अभियान चलाया।
  • सबसे कम समय में 100 से ज्यादा नगर नियोजन योजना को मंजूरी दी।
महामहिम राज्यपाल की गतिविधियाँ
राजनै‍ति‍क गतिविधियाँ
  • 1987 में राजनीति से जुड़ी इस दौरान भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष, प्रदेश इकाई की भाजपा उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पद पर रही।
  • 1992 में भाजपा द्वारा आयोजित कन्या कुमारी से श्रीनगर तक की एकता यात्रा में शामिल होने वाली गुजरात की एकमात्र महिला रही। कश्मीर में तिरंगा नही लहरा देने की आतंकवादियों की धमकी के बावजूद 26 जनवरी 1992 में श्रीनगर के लालचौक में राष्ट्रीय ध्वज फहराने में शामिल थी।
साहित्यिक गतिविधियाँ समय-समय पर 'धरती', 'साधना' एवं 'सखी' पत्रिकाओं के लिये लेख लिखती रही।
सम्मान/पुरस्कार
  • स्कूली शिक्षा के दौरान मेहसाणा जिला के स्कूल स्पोर्टस फेस्टिवल में वर्ष 1988 में 'वीर बाला' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 1988 में गुजरात राज्य के 'श्रेष्ठ शिक्षक' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 1990 राष्ट्रीय स्तर के 'श्रेष्ठ शिक्षक' सम्मान से सम्मानित हुई।
  • मोहिनाबा कन्या विद्यालय की दो छात्राओं को तैरना नही जानती थी उसके बावजूद नर्मदा नदी में डूबने से बचाने के लिए गुजरात सरकार के 'वीरता पुरस्कार' से नवाजा गया।
  • वर्ष 1999 में पटेल जागृति मंडल, मुंबई द्वारा 'सरदार पटेल पुरस्कार।
  • वर्ष 2000 में श्री तपोधन ब्राह्मण विकास मण्डल द्वारा 'विद्या गौरव' पुरस्कार।
  • वर्ष 2005 में पटेल समुदाय द्वारा 'पाटीदार शिरोमणि' पुरस्कार दिया गया।
  • अम्बु भाई पुरानी व्यायाम विद्यालय, राजपीपला द्वारा भी सम्मानित किया गया।
महामहिम राज्यपाल की विदेश यात्रा
  • चौथी वर्ल्ड वूमेन्स कान्फ्रेंस बीजिंग (चीन) में भारत सरकार के दल में शामिल हुई।
  • वर्ष 1996 में भारतीय संसदीय दल के साथ बुलगारिया की यात्रा एवं फ्रांस, जर्मनी, हालैण्ड, इंग्लैण्ड, नीदरलैंड, अमेरिका, कनाडा एवं मेक्सिको आदि की शिक्षा अध्ययन यात्राएँ की हैं।
  • वर्ष 2002 में कॉमन वेल्थ पार्लियामेन्ट्री एसोसिएशन की गुजरात शाखा के दल के साथ नामीबिया - साउथ अफ्रीका में 48वीं कान्फ्रेंस में शामिल हुईं।
  • सितम्बर 2009 में आपने लंदन में 'विलेज इंडिया' प्रोग्राम में गुजरात का प्रतिनिधित्व किया ।
  • मई 2015 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी के साथ गुजरात के व्यापारिक प्रतिनिधि मंडल के साथ बतौर मुख्यमंत्री चीन का प्रवास किया।



आखिरी अद्यतन  : 09-11-2018
विजिटर काउन्टर :